Tuesday, April 21, 2026
साहित्य - साधना

Unique world record अनोखा विश्व कीर्तिमान

जैन धर्म सबसे प्राचीन धर्म है. इस धर्म के सिद्धांत हर समाज के लिए ग्रहणीय है. कोरोना काल में जैन मुनियों द्वारा पहने जाने वाली मुह्पत्ति काफी चर्चित रही है. चारो और एक ही आवाज़ उठ रही थी कि covid 19 में मुहपत्ति की तरह सबको मास्क पहनना पद गया है. कोरोना महामारी में जैन सिद्धांत काफी उपयोगी महसूस किये गए. इन सिद्धांतों के कारण जैन धर्म विश्वव्यापी बना है. जैन सिद्धांतों पर जीवन यापन करने वाले मुनियों और साध्वियों का जीवन भी आश्चर्यजनक कहा जाता है. उनके द्वारा सर्दी हो या गर्मी, मान हो अपमान हर परिस्थियों में समताभाव रखने की साधना बेजोड़ है. ऐसे साधको ने अनेक Unique world record  बनायें हैं. आज ऐसे ही अनोखे विश्व कीर्तिमान की इस कविता के माध्यम से की जा रही है.

अमिता संचेती ने अपनी कविता में जैन मुनियों द्वारा की जाने वाली तपस्या को अपना विषय बनाया है. तपस्या करना बहुत ही कठिन कार्य है. जहाँ एक घंटे भी भूख को सहन करना संभव नही होता वहीँ महीनो महीनो बिना खाए तपस्या में लीं होना कितना मुस्किल होता होगा वो आप खुद सोच सकते हैं. जैन श्वेताम्बर स्थानकवासी संप्रदाय के अशोक मुनि जी म. सा. द्वारा 98 मासखमण तप कर अनोखा विश्व कीर्तिमान बनाया गया है. मासखमण यानि लगातार 30 दिनों तक पानी के आलावा कुछ नही खाना. 30 दिनों का एक मासखमण, ऐसे 98 मासखमण. सामान्य व्यक्ति के बस की बात नही है. ऐसा कोई विरला साधक ही कर सकता है. उनके इस महान तप पूर्ण जीवन ए लिए कविता के माध्यम से अमिता संचेती की भावांजलि.

अनोखा विश्व कीर्तिमान  -: कविता :- Unique world record

 

सोचा करती जाने कैसे?
मासखमण पे मासखमण करते है
हम तो अक्सर एक बास में
तारे गिनने लगते हैं
जब देखा हमने तेज आपका
अतिशय गजब वाणी प्यारी
दर्शन पाने व्याकुल रहते
बच्चे बूढे क्या नर नारी
धन्य आपका आत्मबल था
संचित थी कोई पुण्यवानी
तभी तो तप के कुरूक्षेत्र में
कोई नहीं आपका सानी
स्वाध्याय का श्रृंगार आपका
आगम वचन आपको प्यारे
भीड़ लगी रहती दर पे
वन्दन को आते सारे
स्वर्ण दमक थी चेहरे पर
तेज भी तप का था भारी
पाश्चात्य के पहनावे पर
प्रश्न चिह्न ?? की तैयारी
उत्सुक थे नैना हमारे
दर्श आपके पाने को
वर्ष बहुत लगा दिये
नोखामण्डी मे आने को
पूर्ण हो गई अभिलाषा
आप श्री के आने से
व्यथित सुनके हो गया मन
देह छोड़ चले जाने से
वचनों से करते गुणगान 
भावों से करते है सम्मान
98 मासखमण कर आपने बनाया
अनोखा विश्व कीर्तिमान
अजर अमर रहे नाम युगों तक
प्रभु वीर से कामना करते है
मोक्षगामी बनो आप शीघ्र ही
यही भाव दिल में धरते है….
Unique world record by Amita Sancheti
Unique world record by
अमिता संचेती
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