Sunday, June 21, 2026
राशिफल और पंचांग

मंगल का गोचर : जानिए क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव

मंगल का गोचर 24 दिसम्बर 
 24 दिसम्बर 2020 – 22 फरवरी 2021 
️यह राशि फल चन्द्र राशि पर आधारित है तथा  बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.
मेरे गुरूदेव, ज्योतिष विशारद, माँ भगवती के उपासक, सावत्थीतीर्थ सर्जक तपागच्छाचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा  के सूक्ष्म अवलोकन, अध्ययन, मनन. चिंतन के बाद की संक्षिप्त जानकारी गुरुदेव कि आज्ञा से  में मुनि अजितचन्द्र विजयजी फलादेश प्रस्तुत
 मंगल ग्रह 24 दिसम्बर, बृहस्पतिवार को दोपहर 11:42 बजे अपने मित्र बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी ही राशि मेष में प्रवेश करेगा। मेष राशि मंगल के आधिपत्य वाली राशि है और अग्नि तत्व राशि है तथा मंगल स्वयं भी एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है। इस प्रकार अग्नि तत्व प्रधान राशि में अग्नि तत्व प्रधान ग्रह का गोचर शीघ्रता से परिणाम देने वाला साबित होगा और देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में गति आएगी। यह क्षेत्र अच्छे भी हो सकते हैं और बुरे भी क्योंकि विभिन्न राशियों पर मंगल के गोचर का अलग-अलग प्रभाव दिखाई देगा।
 गोचर का सभी राशियों पर असर होगा। हर राशियों पर होने वाले इसके प्रभाव कुछ इस तरह होंगे। यह राशि फल चन्द्र राशि पर आधारित है तथा  बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.
मेष राशि

मेष :~ अ, ल, इ :

ज्योतिष विशारद आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा  कहते हे मंगल ग्रह का प्रत्येक गोचर आपके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योंकि यह आपकी राशि का स्वामी है। इसके अतिरिक्त, यह आपके आठवें भाव पर भी अधिकार रखता है। प्रथम भाव आपकी चारित्रिक विशेषताएँ, शारीरिक रूप रंग, गठन तथा उत्तम शरीर के बारे में बताता है। इस भाव से आपका मस्तिष्क और दिमाग के बारे में भी जानकारी मिलती है। अष्टम भाव अनिश्चितताओं से भरा हुआ भाव है क्योंकि यह जीवन में होने वाले अचानक परिवर्तनों को बताता है। मंगल ग्रह का गोचर आपकी ही राशि में अर्थात आप के प्रथम भाव में होगा। मंगल का प्रथम भाव में गोचर आमतौर पर शुभ नहीं माना जाता लेकिन यहां मंगल अपनी राशि में होने से कुछ शुभ फल अवश्य प्रदान करेगा।
मंगल के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके व्यवहार में तेजी से बदलाव आएंगे और आप में किसी भी कार्य को करने की जल्दबाजी दिखाई देगी। यह जल्दबाजी कई बार आपको मुसीबतों में डाल सकती है और कुछ ऐसी स्थितियां भी आ सकती हैं, जिनके लिए बाद में आपको पछताना पड़े, इसलिए धैर्य का परिचय देना आवश्यक रहेगा। आप और आपके जीवनसाथी के मध्य दांपत्य जीवन में कुछ समस्याएं जन्म ले सकती हैं, जिनके मूल में आपका उखड़ा हुआ व्यवहार हो सकता है, इसलिए आपको इस ओर भी विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी।
इस समय अवधि में आप थोड़े जिद्दी और अपनी बात मनवाने वाला व्यवहार करेंगे, जो कुछ लोगों को ज्यादा पसंद नहीं आएगा। इस गोचर के प्रभाव से पारिवारिक जीवन में तनाव देखने को मिलेगा लेकिन आपको संपत्ति संबंधित कोई अच्छा लाभ भी इसी समय काल में हो सकता है। इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, विशेषकर बुखार या तेज सिर दर्द होने की समस्या आपको परेशान कर सकती है।
आपको वाहन सावधानी से चलाना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि इनसे आपको हानि पहुंच सकती है। जहां एक ओर यह गोचर आपके लिए कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों का निर्माण करेगा तो वहीं दूसरी ओर, इस गोचर के प्रभाव से आप अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित होंगे और जिस काम को भी करने की ठान लेंगे, उसे करके ही दम लेंगे। कुछ जगह तो आप समय से पहले ही काम को अंजाम देंगे, जिससे आपकी प्रशंसा भी होगी और आपको लाभ भी होगा।

वृषभ :~ ब, व, उ :

 माँ भगवती के उपासक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे  मंगल ग्रह आपकी राशि से सातवें तथा बारहवें भाव का स्वामी है। सातवां भाव हमारे लिए दीर्घकालीन साझेदारियों का भाव है। इसी से विभिन्न प्रकार के व्यापार, आयात – निर्यात अर्थात इंपोर्ट एक्सपोर्ट, समाज में आपकी छवि अर्थात पब्लिक इमेज, विवाह और जीवनसाथी के बारे में पता लगता है तथा बारहवां भाव खर्चों का भाव, जेल यात्रा का भाव, अस्पताल का भाव, विदेश का भाव माना जाता है। मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में ही होगा। इस भाव में मंगल का गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना गया है। ऐसे में आपको इस गोचर में मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे।
मंगल के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके खर्चों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। ये खर्चे कुछ अनावश्यक कार्यों पर भी होंगे, जिसकी वजह से आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। आप मानसिक रूप से तनाव महसूस करेंगे। इस अवधि में आप के विदेश जाने के योग बन सकते हैं और इन सुदूर यात्राओं पर जाने के लिए आपको अधिक धन भी खर्च करना पड़ेगा, इसलिए पूर्व में तैयारी करके रखें। इस अवधि में आप अपने विरोधियों से बिल्कुल भी नहीं घबराएंगे बल्कि डटकर उनका सामना करेंगे और वे कमजोर रहेंगे। यदि कोई मुकदमा लंबित है तो उसमें भी आप के पक्ष में स्थितियों का निर्माण होगा।
यह गोचर आपके छोटे भाई बहनों के लिए अधिक उपयुक्त नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक होगा। इस समय अवधि में आप अपने उधार और कर्ज के प्रति काफी संजीदा रहेंगे और उसे जल्द से जल्द चुकाने का प्रयास करेंगे। इस वजह से अपने कुछ धन को उधार चुकाने में भी खर्च करेंगे।
मंगल का यह गोचर आपके दांपत्य जीवन के दृष्टिकोण से शुभ नहीं कहा जा सकता क्योंकि इस समय में आपके जीवन साथी और आप के मध्य तनाव बढ़ने की संभावना रहेगी। जीवनसाथी का व्यवहार भी गुस्से से भरा रहेगा और वे बात-बात पर तुनक मिजाज रवैया दिखाएंगे, जिससे आपको चिढ़ हो सकती है और इस वजह से आपका रिश्ता परेशानियों में घिर सकता है।

मिथुन :~  क, छ, घ :

मंत्र वेत्ता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। यह आपकी कुंडली के लिए एकादश भाव तथा छठे भाव का स्वामी है। छठा भाव विभिन्न प्रकार की समस्याओं, संघर्षों, परेशानियों, कंपटीशन, चुनाव, उधार, कर्ज़, बैंक लोन, बीमारी तथा विरोधियों का भाव है। नौकरी के लिए भी छठा भाव काफी महत्वपूर्ण होता है। वहीं एकादश भाव हमारी प्राप्तिओं का भाव है। इससे हमारी आमदनी तथा हमारे जीवन की महत्वाकांक्षाओं को देखा जाता है। एकादश भाव में मंगल का गोचर काफी अच्छा फल देने वाला माना गया है और यहां मंगल अपनी राशि का होने से आपके लिए सोने पर सुहागा का काम करेगा।
मंगल ग्रह के इस गोचर के परिणाम स्वरुप आपकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। एक नहीं बल्कि कई माध्यमों से आपके पास धन आएगा, जिससे आप की स्थिति तेजी से ऊपर की ओर बढ़ेगी और आप आर्थिक तौर पर मजबूत महसूस करेंगे। केवल इतना ही नहीं, आपकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होने से आपको बेहद प्रसन्नता होगी और जो काम काफी लंबे समय से रुके हुए अटके हुए थे, वे सभी अब पूरे होने लगेंगे, जिनसे आपको प्रसन्नता के साथ-साथ आर्थिक लाभ और सामाजिक फायदे भी होंगे।
इस समय अवधि में आपको सामाजिक क्षेत्रों से काफी लाभ होगा। आपकी नए नए लोगों से मित्रता होगी और कुछ लोग आपके बहुत काम भी आएंगे। मंगल ग्रह का यह गोचर आपको धन अर्जित और संचित दोनों करने में मदद करेगा। आप अपने परिवार पर भी ध्यान देंगे और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी अपना धन प्रयोग करेंगे। इस गोचर का नकारात्मक पक्ष यह रहेगा कि आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं जन्म लेंगी और आप दोनों के बीच झगड़ा होने की नौबत आ सकती है, जिससे रिश्ता कमजोर पड़ेगा, इसलिए यदि आप प्रेम जीवन को सही रखना चाहते हैं तो किसी भी प्रकार की बहस बाजी से दूर रहना चाहिए।
आपकी संतान को भी इस समय में थोड़ा ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पढ़ाई के मामले में यह गोचर आपको अच्छा परिणाम देगा और आपकी एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक बनेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपकी आमदनी बढ़ेगी तो आप कर्जा चुकाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। विरोधियों पर जीत हासिल करेंगे और नौकरी में भी बेहतर परिणाम आपको प्राप्त होंगे। आपकी स्थिति मजबूत होगी और आपको अच्छा प्रमोशन भी मिल सकता है।

कर्क :~ ड, ह :

गुरुदेव आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे मंगल ग्रह आपकी राशि के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि यह आपके केंद्र और त्रिकोण भाव का स्वामी होने के कारण योग कारक बनता है अर्थात आपको राजयोग देने में सक्षम है। यह आपके पंचम और दशम भाव का स्वामी है तथा अपने इस गोचर काल में आपके दशम भाव में ही स्थापित होगा। पंचम भाव हमारी बुद्धि, हमारी सोचने की क्षमता, हमारी कलात्मकता, हमारी संतान, हमारे प्रेम संबंध और शिक्षा के बारे में जानकारी देता है तो दशम भाव सबसे मजबूत केंद्र भाव माना जाता है। यह हमारे व्यवसाय का निर्धारण करता है और हमारे पिता को भी दर्शाता है। दशम भाव में मंगल को दिग्बल प्राप्त होता है, जिससे इस भाव में मंगल अत्यंत बलशाली हो गया है।
दशम भाव में मंगल का गोचर बहुत अच्छा कहा जाता है और अपनी राशि में यह गोचर होने से आपके लिए यह गोचर काफी फलदाई साबित होगा। आपको अपने कार्यक्षेत्र में बेहतरीन सफलताऐं प्राप्त होंगी और आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा। आपके कार्यभार में वृद्धि होगी। आपके अधिकार और आपकी शक्तियां बढ़ेंगी तथा आप को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रमोशन और तरक्की मिलने की भी पूरी संभावना रहेगी लेकिन कभी-कभी व्यक्ति जल्दबाजी में आकर कुछ ऐसे निर्णय ले लेता है, जो उसको पछताने पर मजबूर करते हैं। इन स्थितियों से आपको बचना होगा और अति आत्मविश्वास से भी बचना पड़ेगा।
मंगल ग्रह का यह गोचर आपके स्वास्थ्य के लिए थोड़ा कम उपयुक्त है, इसलिए काम के साथ-साथ शारीरिक तंदुरुस्ती पर भी ध्यान दें, नहीं तो अधिक काम के चक्कर में आप बीमार पड़ सकते हैं। मंगल का यह गोचर आपके पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव जरूर लेकर आ सकता है, खासकर आपकी संतान को इस समय में कुछ कष्ट हो सकते हैं या उनसे आपके संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है। आपको काम में व्यस्तता के चलते परिवार को समय देने में परेशानी होगी।
प्रेम जीवन के दृष्टिकोण से यह गोचर उपयुक्त नहीं है, इसलिए इस समय में अपने प्रियतम से कम से कम मिलने का प्रयास करें क्योंकि यदि आप ज्यादा मिलेंगे या ज्यादा बातचीत करेंगे तो व्यर्थ का वाद विवाद बढ़ सकता है। शिक्षा के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा। आपको अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

सिंह :~ म, ट :

स्पष्ट वक़्ता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल नवम अर्थात भाग्य भाव जो कि एक त्रिकोण भाव भी है तथा केंद्र भाव अर्थात चतुर्थ भाव का स्वामी होने से योगकारक ग्रह है और आपके जीवन को काफी ऊंचाइयां देने में सक्षम है। चतुर्थ भाव हमारे जीवन में सभी प्रकार के सुख सुविधाओं को, हमारी माता को, चल तथा अचल संपत्ति को दर्शाता है तथा हमारे घर के बारे में भी जानकारी देता है। नवम भाव को भाग्य तथा धर्म स्थान कहा जाता है। मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होगा, जो कि सुदूर यात्राओं का भाव भी माना जाता है।
मंगल ग्रह का यह गोचर आपके लिए सामान्य तौर पर फलदायी रहेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपको लंबी और सुदूर यात्राओं पर जाने के अवसर मिलेंगे। आप ये यात्राएं किसी तीर्थ स्थल पर कर सकते हैं अथवा किसी ऐसे स्थान पर जहां अधिक चट्टानें या पहाड़ आदि हों। इस गोचर के प्रभाव से आपके पिता का स्वास्थ्य कमजोर पड़ सकता है और वे किसी स्वास्थ्य समस्या का शिकार बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देना अति आवश्यक होगा।
इस गोचर के परिणाम स्वरूप आप धर्म के प्रति कट्टरवादी रवैया अपना सकते हैं, जो कि कुछ लोगों को शायद अच्छा ना लगे, इसलिए आपको थोड़ा सा ध्यान रखना चाहिए। इस गोचर के प्रभाव से आपको विदेशों में बैठे अपने संपर्कों से बातचीत का शुभ अवसर प्राप्त होगा। हालांकि वह ज्यादा काम नहीं आ पाएंगे। यह गोचर आपके भाई बहनों के लिए सामान्य रहेगा। उनका स्वास्थ्य कुछ कमजोर हो सकता है लेकिन वे व्यापार में अच्छा धन कमाएंगे। यह गोचर आपकी मेहनत और आपके प्रयास करने की स्थिति को मजबूत बनाएगा।
इस गोचर के प्रभाव से आपके परिवार को कोई संपत्ति खरीदने में सफलता मिलेगी। इससे परिवार के लोगों में खुशी की लहर दौड़ जाएगी और आपसी संबंध मजबूत होंगे। परिवार में आपकी इज़्जत भी बढ़ेगी और आपको पूर्ण सम्मान भी मिलेगा। कुछ लोगों को अपने कार्य क्षेत्र में स्थानांतरण के योग भी बनेंगे।

कन्या :~ प, ठ, ण

  सावत्थी तीर्थ सर्जक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म साकहते हे मंगल ग्रह आपकी राशि के लिए तीसरे और आठवें भाव का स्वामी है। यह दोनों ही भाव अच्छे नहीं माने जाते। अष्टम भाव जीवन में होने वाली अनिश्चितता और अचानक से होने वाले अच्छे और बुरे परिवर्तनों को बताता है तथा तीसरा भाव अष्टम से अष्टम होने के कारण अधिक शुभ नहीं माना जाता। हालांकि इससे आपके साहस तथा पराक्रम, आपके भाई बहन, आपकी छोटी यात्राएँ, आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स, आपकी मेहनत, आपकी हॉबी, आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मंगल ग्रह का यह गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। अष्टम भाव में मंगल का गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना जाता है, इसलिए आपको इस गोचर के ज्यादा अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे
मंगल ग्रह का मेष राशि में गोचर आपको स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कमजोर बनाएगा और इस समय काल में आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। कुछ लोगों को सर्जरी होने, किसी प्रकार की चोट लगने, दुर्घटना होने या किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र से समस्या हो सकती है, इसलिए आपको चाहिए कि आप अपने खान पान पर तथा अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
मंगल ग्रह का यह गोचर आपको गुप्त तथा अनैतिक तरीकों से धन लाभ भी करा सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी लेकिन याद रखिए, अनैतिक तरीके से आया हुआ धन अनैतिक कार्यों में ही लगता है और कई बार उसके लिए आपको दुख भी उठाना पड़ता है, इसलिए पहले ही सोच लें कि आपको क्या करना है।
इसके अतिरिक्त, मंगल ग्रह का यह गोचर आपके ससुराल पक्ष में किसी प्रकार के शुभ कार्य की ओर भी संकेत करता है और आपके ससुराल पक्ष के लोगों को इस दौरान धन की प्राप्ति होगी। यह गोचर आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है, इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें और अपने छोटे भाई बहनों से भी अच्छे संबंध बनाकर रखें क्योंकि उन्हें इस समय में आप की आवश्यकता पड़ सकती है।

ज्योतिष में मंगल का गोचर

  •  ज्योतिष में इसे क्रूर ग्रह की संज्ञा दी गई है जो ऊर्जा, साहस, योद्धा का कारक है।
  • साथ ही मंगल मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है।
  • मकर राशि इसकी उच्च राशि होती है।
  • अर्थात मकर राशि में मंगल बली होता है।
  • जबकि कर्क मंगल की नीच राशि है।
  • इस राशि में मंगल कमज़ोर स्थिति में होता है।
  • मंगल ग्रह शक्तिशाली और अग्नि तत्व का ग्रह है जो जातक को मानसिक रूप से सक्रिय, शारीरिक रुप से बलवान और महत्वाकांक्षी के साथ-साथ दृढ़-निश्चयी बनाता है।
  • कुंडली में मंगल छोटे भाई-बहनों का प्रतीक होता है।
  • यह मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी है।
  • वहीं काल पुरुष कुंडली के अनुसार यह लग्न और अष्टम भाव का अधिपति है।
  • अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल शुभ और मजबूत स्थिति में हो तो यह उस जातक को कई तरह से सकारात्मक परिणाम देता है।
  • इसके शुभ प्रभाव से जातक की पर्सनैलिटी आकर्षक, नेतृत्व क्षमता और साहस में वृद्धि होती है।
  • मंगल के प्रभाव वाला जातक स्वतंत्र विचारों वाला होता है।
  • जातक का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली होता है और लोग उनका अनुसरण करते हैं।

तुला :~ र, त :

विसा यंत्र साधक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे तुला राशि के जातकों के लिए मंगल दूसरे और सप्तम भाव का स्वामी है। दूसरा भाव धन भाव होने के साथ-साथ हमारे कुटुंब, हमारी वाणी, हमारा खान-पान का भाव भी माना जाता है और इसे मारक भाव भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, सप्तम भाव हमारा विवाह, जीवनसाथी, व्यावसायिक साझेदारियाँ इंपोर्ट एक्सपोर्ट, आदि के बारे में बताता है। इस स्थान को भी मारक भाव कहा जाता है। मारक भाव होने से यह जीवन में कष्ट देने वाला भाव बन जाता है। मंगल का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा, जहां यह गोचर मिश्रित परिणाम देने वाला साबित होगा।
इस गोचर के परिणामों पर नजर डाली जाए तो यह वह समय होगा, जब आपके जीवनसाथी के व्यवहार में बदलाव आएगा। उनमें आत्मविश्वास और अधीरता दोनों की बढ़ोतरी होगी। वे थोड़े जिद्दी होंगे और अपनी बात को मनवाना चाहेंगे। इसके लिए आपको डोमिनेट भी कर सकते हैं। हालांकि आपको अपनी समझदारी से स्थिति को संभालना चाहिए। जीवनसाथी का स्वास्थ्य मजबूत होगा और पहले से आ रही किसी भी स्वास्थ्य समस्या से उन्हें निजात मिलेगी। आपकी प्रसन्नता के लिए वे हर काम को खुद ही और जल्दी करेंगे ताकि आपको खुश रख सकें।
यदि आप नौकरी करते हैं तो यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा और आपको अपने कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिल सकती है। यह पदोन्नति आपको बहुत ऊपर तक लेकर जाएगी। आपको अपने कठिन प्रयासों को जारी रखना चाहिए और मन लगाकर अपना काम करना चाहिए। यदि आप व्यापार करते हैं तो मंगल का यह गोचर धन प्रदायक और व्यापार विस्तारक भी बन सकता है। आपके बिज़नेस की बढ़ोतरी होगी और आपको लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे लेकिन आपके संबंध आपके व्यावसायिक साझेदार से बिगड़ सकते हैं, इसलिए थोड़ा सावधानी बरतें।
आपको अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यह गोचर आपके शरीर में पित्त तत्व की बढ़ोतरी करेगा, जिसकी वजह से शरीर का पाचन बिगड़ सकता है। आपको रक्तचाप, अपच, एसिडिटी, बुखार, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस समय काल में आप अपने जीवनसाथी पर काफी धन खर्च करेंगे और उनकी इच्छाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे ताकि आप अपने जीवन साथी को खुश रख सकें। यह गोचर आपको यह सोचने पर विवश करेगा कि आप कहां सही हैं और कहां गलत। वास्तव में यही आत्ममंथन का दौर है।

वृश्चिक :~ न, य :

तपागच्छाचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे  मंगल ग्रह का कोई भी गोचर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आपकी राशि का स्वामी है और राशि के स्वामी की गोचरीय स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। यह आपके प्रथम भाव के साथ-साथ आप के छठे भाव का स्वामी भी है और छठा भाव एक कठिन भाव माना जाता है। यह भाव हमारे जीवन के संघर्ष को परिभाषित करता है और यह भी बताता है कि संकट के समय हम उसका सामना करते हैं या डर कर भागते हैं। मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में ही होगा। छठे भाव में मंगल ग्रह का गोचर आमतौर पर शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है और अपनी राशि में होने से शुभ फलों की वृद्धि ही होगी।
इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपकी नौकरी में जबरदस्त तरक्की के योग बनेंगे। आप जिस काम को करने में अपने हाथ आजमाएंगे, उसी में सफलता अर्जित करेंगे। आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आप अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे। वे आप के सामने आने की हिम्मत भी नहीं करेंगे, जिससे आपकी कीर्ति और यश दोनों बढ़ेंगे। आपके खर्चों पर नियंत्रण होगा, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आप एक सुदृढ़ व्यक्ति की भांति अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे।
यदि आप कोई विद्यार्थी हैं, जो कंपटीशन की तैयारी कर रहा है तो आपको इस समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की जबरदस्त संभावना रहेगी और आपका परीक्षा परिणाम बेहद अच्छा रहने वाला है। यदि आप कोई राजनीतिज्ञ है या कानून से संबंधित व्यक्ति हैं तो भी आप के लिए गोचर अत्यंत ही शुभ फल देने वाला साबित होगा।
इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपको शासकीय तौर पर भी लाभ मिल सकता है या आप किसी सरकारी क्षेत्र से लाभ पाने के हक़दार बन सकते हैं। अपनी मेहनत से आप अपनी किस्मत लिखेंगे और आपके भाग्य में बढ़ोतरी होगी। हालांकि इस गोचर का एक नकारात्मक पक्ष यह कहा जा सकता है कि इस दौरान आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं, इसलिए विशेष रूप से पूरे गोचर की अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा। इस समय अवधि में आपके पिता को भी उनके कार्य क्षेत्र में उन्नति मिलेगी, जिससे परिवार में खुशियाँ बढ़ेंगी।

धनु :~ भ, ध,फ :

प्रवचनकार आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे धनु राशि के जातकों के लिए मंगल आपके पाँचवें और बारहवें भाव का स्वामी है और मंगल का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में ही मंगल की अपनी राशि मेष में होगा, जिससे आपको मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे क्योंकि पंचम भाव में मंगल का गोचर अनुकूल फल देने वाला नहीं माना गया है।
मंगल के मेष राशि में गोचर के परिणाम स्वरूप आपको अपनी कला को आगे रखने में कोई समस्या नहीं आएगी और आप अपनी कलात्मकता को धनार्जन का जरिया भी बना सकते हैं। यानि कि आपकी कोई क्रिएटिविटी आपके लिए धन का मार्ग खोल सकती है। इस समय काल में आपकी इनकम जरूर बढ़ेगी, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी और आप समाज में काफी आगे बढ़ेंगे लेकिन दूसरी ओर यह गोचर आपके निजी जीवन में कुछ परेशानियां पैदा कर सकता है।
इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। आपका प्रियतम मनमौजी और थोड़ा गुस्से वाला हो सकता है। वह अपनी हर बात को मनवाने के लिए बहुत प्रयास करेगा, जिससे आपको थोड़ी परेशानी भी होगी। इसके अलावा, वे इस रिश्ते को आगे बढ़ाने में भी ज्यादा दिलचस्पी लेंगे और जल्दी करेंगे, जो कि आपको इतना पसंद नहीं आएगा, इसलिए धैर्य का परिचय देते हुए अपने प्रियतम की बातों को ध्यान पूर्वक सुनें। यदि आवश्यक हो तो उनकी बात मानें, अन्यथा उन्हें समझाएं।
यदि आप शादीशुदा हैं तो जीवन साथी को इस समय में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे और उनके करियर में उन्नति होगी। आपकी संतान के लिए गोचर सामान्य फलदायक साबित होगा। उनके स्वास्थ्य में मजबूती आएगी और वे हर काम को बेहतर तरीके से करेंगे लेकिन वे थोड़े जिद्दी हो सकते हैं और अपनी बात मनवाना चाहेंगे, जिससे आपको कुछ परेशानियां आ सकती हैं।
मंगल ग्रह का यह गोचर शिक्षा के दृष्टिकोण से ठीक-ठाक रहेगा। आपको आगे बढ़ने में आसानी होगी और आप अपने विषयों पर अच्छी पकड़ रख पाएंगे, जिससे परीक्षा के परिणाम भी अच्छे मिलेंगे। इस समय अवधि में आपके पेट में गर्मी बढ़ने से कुछ पेट संबंधित समस्याऐं हो सकती हैं, इसलिए थोड़ा ध्यान जरूर रखें।

मकर :~ ख, ज :

तंत्राचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे – आपकी राशि के लिए मंगल चौथे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है। मंगल ग्रह का गोचर मेष राशि में आपके चतुर्थ भाव में ही होगा लेकिन मंगल का गोचर चौथे भाव में अधिक शुभ नहीं कहा गया है और ऐसे में आपको मंगल के गोचर के मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे।
चतुर्थ भाव में मंगल का गोचर आपके लिए प्रॉपर्टी संबंधित लाभ लेकर आएगा अर्थात बरसों से आपकी घर लेने की इच्छा को यह गोचर पूरा कर सकता है। यदि आपकी अनुकूल दशा चल रही हो तो इस समय में चल व अचल संपत्ति का पूर्ण रूप से लाभ मिलेगा और आप किसी प्रॉपर्टी के मालिक बनेंगे। कुछ लोग बहुत अच्छी गाड़ी भी इस गोचर काल में खरीद सकते हैं।
वहीं इसके विपरीत, यह गोचर आपकी माता जी के स्वास्थ्य को पीड़ित करेगा। उनके व्यवहार में भी तीखापन आएगा, जो परिवार की शांति को कमजोर बनाएगा। इस समय काल में परिवार में अशांति रह सकती है, इसलिए आपको परिवार की जरूरतों और जिम्मेदारियों पर भी विशेष रूप से ध्यान देना होगा।
मंगल ग्रह आपके करियर को भी प्रभावित करेगा और नौकरी में आपका गर्म मिजाज़ रवैया आपको परेशानी में डाल सकता है। ऐसी स्थिति में आपको खुद पर संयम रखते हुए अच्छे से अपना काम करना चाहिए। इस गोचर के प्रभाव से दांपत्य जीवन में भी तनाव बढ़ेगा। जीवनसाथी से रिश्ता बिगड़ने की संभावना बनेगी, इसलिए थोड़ा सा सावधानी जरूर रखें और बेवजह किसी बात को तूल ना दें। यह गोचर आपकी आमदनी को जरूर बढ़ाएगा और आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होने वजह से आपको सुख सुविधाओं का भी अच्छा खासा लाभ मिलेगा।

कुंभ :~ ग, स, श, ष :

प्रतिष्ठाचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे आपकी राशि के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है। यह दर्शाता है कि आप मंगल की शक्ति से अपने कार्य क्षेत्र को मजबूत बनाने का प्रयास कर सकते हैं। आपके लिए मंगल का गोचर राशि से तीसरे भाव में होगा और इस भाव में मंगल का गोचर अत्यंत ही शुभ फल देने वाला माना गया है। ऊपर से मंगल होगा भी अपनी ही राशि में, तो ये शुभ फल और अधिक बढ़ जाएंगे।
मंगल के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी। आपकी रिस्क लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जिससे आप काम में आगे बढ़ कर योगदान करेंगे और सफलता अर्जित करेंगे। मंगल का यह गोचर आपके भाई बहनों में भी आत्मविश्वास की बढ़ोतरी करेगा और वे भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर काम में आपका साथ देंगे। आप अपने मार्केटिंग स्किल और अपने परिश्रम के बल पर अपने काम को ऊंचा उठाएंगे और सफलता प्राप्त करेंगे।
मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आप अपने शत्रुओं पर भी विजयी रहेंगे और वे चाह कर भी आपका कुछ अहित नहीं कर पाएंगे। यदि आप कोई खिलाड़ी हैं तो मंगल का यह गोचर आपको सफलता देगा और आपको आपके खेल में ऊँचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
मंगल के गोचर की इस अवधि में आप कुछ यात्राएं भी करेंगे और ये यात्राऐं आपके लिए लाभ का मार्ग प्रशस्त करेंगी। आपके मित्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी क्योंकि इन यात्राओं में आपको कुछ नए लोगों से मिलकर उनसे निकटता का एहसास होगा।
आपकी नौकरी में भी अच्छे समय की प्राप्ति होगी और आप अपने प्रयासों के दम पर अपने काम में महारत हासिल करेंगे और प्रशंसा के पात्र बनेंगे। यदि आप व्यापार करते हैं तो यह गोचर आपके व्यापार में वृद्धि का कारण बनेगा और आपके सामान की मांग में बढ़ोतरी होगी।

मीन :~ द, च :

 उपसर्ग विजेता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे मीन राशि के जातकों के लिए मंगल आपके दूसरे और नवें भाव का स्वामी है तथा अपने इस गोचर काल में आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। दूसरे भाव में मंगल का गोचर अधिक शुभ फल देने वाला नहीं माना गया है, फिर भी, मंगल आपके लिए कुछ अच्छे परिणाम अवश्य लेकर आएगा क्योंकि यह अपनी ही राशि में गोचर कर रहा है और आपके धन भाव का स्वामी भी है।
मंगल के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके जीवन में धन की प्राप्तियाँ होंगी और आपकी आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होने लगेगी। आपको भाग्य से पूरा सहायता मिलेगी और विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों के कारण आपके पास धन की कोई कमी नहीं रहेगी और जो भी काम आप करना चाहेंगे, उस धन से अच्छे से उस कार्य को कर पाएंगे। यह गोचर परिवार के मान सम्मान को बढ़ाने वाला भी साबित होगा लेकिन फिर भी किसी ना किसी कारणवश परिवार में तनाव बना रहेगा और परिवार के लोग आपस में एक दूसरे से किसी प्रकार के वाद-विवाद में पड़ सकते हैं।
मंगल ग्रह का यह गोचर आपकी सेहत के दृष्टिकोण से अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता और ऐसे में आपको अपना ध्यान रखना होगा क्योंकि असंतुलित खान-पान या ज्यादा मिर्च मसाले या गर्म भोजन के इस्तेमाल से आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आ सकती हैं। यह गोचर आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करेगा, इसलिए आपको अपना और उनका, दोनों का ध्यान रखना होगा।
इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपको शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम मिलेंगे और आपके परीक्षा परिणाम भी बेहद अच्छे होंगे। विद्यार्थियों के लिए मंगल का यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी इस समय में शिक्षा के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब करके कुछ पैसा भी कमाना शुरू कर देंगे।
इस गोचर के प्रभाव से आपके प्रेम जीवन में अच्छा समय आएगा और आप अपनी ओर से पूर्ण प्रयास करेंगे कि अपने प्रियतम को खुश रख पाएँ। बीच-बीच में आप के दरमियान तकरार भी होगी लेकिन वह अल्प समय के लिए ही होगी और जल्दी ही बातचीत फिर शुरू हो जाएगी।

   व्यक्ति पर प्रभाव

  • दूसरी ओर, जब किसी जातक की कुंडली में मंगल पीड़ित या कमज़ोर अथवा नीच का हो तो इससे जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • जातक गर्म मिज़ाज वाला हो जाता है और उसका स्वभाव भी झगड़ालू और आक्रामक होता है।
  • वहीं मंगल ग्रह के कारण ही कुंडली में मंगल दोष बनता है।
  • अगर मंगल ग्रह कुंडली में लग्न, चतुर्थ या फिर सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में स्थित हो तो यह स्थिति मंगल दोष की होती है।
  • हालाँकि ज्योतिष में मंगल दोष के प्रभावों को कम करने के उपाय भी दिए गए हैं जिसके तहत आप मूंगा रत्न, तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर अनंतमूल की जड़ी को धारण कर सकते हैं।
ज्योतिष के ये उपाय मंगल की शांति और उसके दोष को कम करने के लिए बेहद कारगर हैं।
मंगल का गोचर  by jain muni
जिन शीशू अजित
_देवी स्वप्न द्वारा निर्मित_ ८४ जिनालय समलंकृत
 सावत्थीतीर्थ धाम
_बावला, अहमदाबाद_
: 02714232612
आजीवन गुरुचरणसेवी
मुनी अजितचन्द्र विजय
Whatsapp 09824010332
Spread the love

Leave a Reply