Inspiring Story विधाता ने रखी आदमी के सामने दो गठरियां

  यह Inspiring Story एक रूपक है। पर मनुष्य के वर्तमान स्वभाव को उजागर करती है। Tathastu TV पर आज की इस कहानी से आप लोग अपने स्वभाव को बदलने का चिंतन विकसित करेंगे, ऐसा विश्वास है। छोटी छोटी कहानियां हमें बड़ी सीख दे जाती है। प्रेरणा भर जाती है। प्रस्तुत है प्रतिदिन की कहानी में यह महत्वपूर्ण कड़ी ।
  Inspiring Story  संसार को बनाने वाले विधाता ने एक बार आदमी को अपने पास बुला कर पूछा,’तुम क्या चाहते हो ?’आदमी ने कहा, मैं उन्नति करना चाहता हूँ,सुख -शांति चाहता हूँ और चाहता हूँ कि सब लोग मेरी प्रशंसा करें।
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आदमी से एक गलती हो गई

       विधाता ने आदमी के सामने दो गठरियाँ रख दी।वे बोले, इन गठरियों को ले लो।इनमें से एक गठरी में तुम्हारे पडोसी की बुराइयाँ भरी हैं।उसे पीठ पर लाद लो।उसे हमेशा बंद रखना।न तुम देखना न दूसरों को दिखाना। दूसरी गठरी में तुम्हारी  बुराइयाँ भरी हैं।उसे सामने लटका लो और बार बार खोलकर देखा करो।’
आदमी ने दोनो गठरियाँ उठा ली। लेकिन उससे एक गलती हो गई। उसने अपनी बुराइयों की गठरी को पीठ पर लाद लिया और उसका मुँह कसकर बंद कर दिया।अपने पडोसी की बुराइयों से भरी गठरी उसने सामने लटका ली।उसका मुंह खोलकर वह  उसे देखता ओर दूसरों को भी दिखाता। इससे आदमी ने विधाता से जो वरदान मांगे थे,वे भी उलटे हो गये।वह अवनति करने लगा उसे दु:ख और अशांति मिलने लगी। सब लोग उसे बुरा बताने लगे।
आदमी अपनी भूल सुधार ले तो उसकी उन्नति होगी। उसे सुख -शांति मिलेगी ।जगत मेँ प्रशंसा होगी। हमें करना यह है कि अपने पडोसी और परिचितों के दोष देखना बंद कर दें और अपने दोषों पर सदा दृष्टि बनाए रखें..!!Inspiring Story
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