Tuesday, April 21, 2026
राशिफल और पंचांग

 सूर्य का गोचर : धनु राशि में आने से इनको मिलेगा लाभ

सूर्य का गोचर
 सूर्य का धनु राशि मे गोचर 15 दिसंबर – 2020
MUNI AJITCHANDRA VIJAYJI

सूर्य का कुंडली में प्रभाव और सूर्य का गोचर

यदि आपकी राशि में सूर्य अच्छी स्थिति में विराजमान है तो जीवन में आपको मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। सूर्य की अच्छी स्थिति आपको अच्छे कामों को करने की तरफ प्रेरित करती है। ऐसे जातकों को खुद पर पूरा नियंत्रण होता है। अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य बली है तो उसके मन में सकारात्मक विचार आते हैं और जीवन के प्रति उसका नज़रिया सकारात्मक होता है। वहीं अगर किसी कुंडली में सूर्य की स्थिति अच्छी न हो तो इसके बुरे प्रभाव आपको परेशान कर सकते हैं।
फलादेश प्रस्तुत  वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा, पिता, पूर्वज, राज्य सम्मान, नेत्र और राजनीति आदि का कारक है। सूर्य के शुभ प्रभाव से विभिन्न कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी मान-सम्मान मिलता है। वहीं दूसरी तरफ यदि कुंडली पर सूर्य का अशुभ प्रभाव हो तो जातक को आँख संबंधी समस्या का योग, पिता को कष्ट और पितृ दोष की स्थिति बनती है। इसलिए जन्म कुंडली में सूर्य से संबंधित किसी भी परेशानी के समाधान के लिए ज्योतिष विशेषज्ञ सूर्य ग्रह से जुड़े विभिन्न उपाय अपनाने की सलाह देते है।
सूर्यदेव के गोचर के दौरान जातक को कैसा फल प्राप्त होगा, यह केवल और केवल इस बात पर निर्भर करता है कि उस गोचर के दौरान सूर्य एक कुंडली या राशि से किस भाव में संचरण कर रहा है। क्योंकि सभी 12 भावों में सूर्य के गोचर का परिणाम अलग-अलग होता है। समस्त संसार को उत्तम आरोग्य और जीवन प्रदान करने वाले

 सूर्य का गोचर : ऐसा व्यक्ति राजा की तरह जिंदगी जीता है

सूर्य का धनु राशि में गोचर 15 दिसम्बर, मंगलवार को रात्रि 9 बज कर 19 मिनट (21:19 बजे) पर होगा, जब सूर्य देव अपने परम मित्र बृहस्पति के स्वामित्व वाली धनु राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का गोचर काल के दौरान सभी राशि के जातकों को अलग-अलग फल मिलेंगे। सूर्य आत्मा का कारक ग्रह है और यह आपकी नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक क्षमता, पिता आदि का कारक है। यदि कुंडली में सूर्य मजबूत अवस्था में है तो ऐसा व्यक्ति राजा की तरह जिंदगी जीता है, वहीं जिस जातक की कुंडली में यह अच्छी अवस्था मे नहीं होता उसे जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सूर्य के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये इस भविष्यफल के माध्यम से जानते हैं समस्त 12 राशियों पर सूर्य का गोचर से क्या प्रभाव पड़ने वाला है।
यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है।
 इस गोचर का सभी राशियों पर असर होगा। हर राशियों पर होने वाले इसके प्रभाव कुछ इस तरह होंगे। यह राशि फल चन्द्र राशि पर आधारित है तथा  बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच कराकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे . अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर निर्भर करते हैं.

 मेष :~ अ, ल, इ :

 ज्योतिष विशारद आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा  कहते हे आपके लिए सूर्य पंचम भाव का स्वामी है और धनु राशि में गोचर के दौरान आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेगा। इस भाव में सूर्य देव आपको मिश्रित परिणाम देंगे। आपके पिताजी का स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है और वे बीमार पड़ सकते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना परम आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त आप के मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। आपको राजयोग के समान परिणाम मिलेंगे और आपके करियर में भी उन्नति दायक समय रहेगा।
यदि आप नौकरी करते हैं तो नौकरी में स्थानांतरण के योग बनेंगे और कुछ लोगों की नौकरी बदलने की भी संभावना प्रबल हो जाएगी। नौकरी में उतार-चढ़ाव के योग जरूर बनेंगे लेकिन यह आपके पक्ष में ही रहेंगे और आप को प्रबल लाभ दिलाएंगे। आपकी संतान जिस क्षेत्र में भी है, उसमें भी तरक्की प्राप्त करेंगे। इससे समाज में आपका और आपके परिवार का रुतबा मजबूत होगा। यह वो समय होगा, जब आप समाज में स्थापित होंगे और आपकी सुख सुविधा की हर वस्तु आप को उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त आपको शिक्षा में भी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

वृषभ :~ ब, व, उ :

  माँ भगवती के उपासक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे  सूर्य देव आपकी राशि से चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और अपने इस गोचर के दौरान वे आपकी राशि से अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। इस भाव में सूर्य का गोचर अनुकूल परिणाम देने वाला नहीं माना गया है। ऐसी स्थिति में आपको थोड़ा सावधान रहना चाहिए क्योंकि आपके सुखों में कमी आएगी और आमदनी में गिरावट होने का अंदेशा रहेगा। आपका स्वास्थ्य भी पीड़ित हो सकता है और आपको कार्यों में व्यवधान के कारण मानसिक रूप से तनाव बना रहेगा। ससुराल पक्ष से समस्या हो सकती है और ससुराल में किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने से तकलीफें बढ़ सकती हैं।
इस दौरान आपके द्वारा किए गए किसी अनुचित कार्य का परिणाम भी आप को भुगतना पड़ सकता है और शासन अथवा प्रशासन द्वारा आप को दंडित भी किया जा सकता है। हालांकि आध्यात्मिक तौर पर यह समय काफी अनुकूल रहेगा और आपको अच्छे अनुभव होंगे। आपका मन आध्यात्मिक और धार्मिक क्रियाकलापों में खूब रमेगा, जिससे कुछ अच्छे और ज्ञानवान लोगों से मिलने की संभावना बनेगी। इस समय में आपके द्वारा किये गए कार्यों का फल आपको अतिशीघ्र मिलेगा, इसलिए विधि विरूद्ध कोई कार्य न करें अन्यथा आप परेशानी में आ सकते हैं।

मिथुन :~  क, छ, घ :

मंत्र वेत्ता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सूर्य का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा। वे आपकी राशि से तीसरे भाव के स्वामी हैं। सप्तम भाव में सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल नहीं होता, इसलिए आपको इस समय काल में मिले-जुले परिणाम प्राप्त होंगे। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो आपको अधिक प्रयास करने पड़ेंगे, जिससे आपको उचित लाभ होगा। व्यापार के मामले में आपको जबरदस्त लाभ होगा और आपका व्यापार चारों दिशाओं में फैलेगा और उसकी बढ़ोतरी होगी।
इसके विपरीत आपके दांपत्य जीवन के दृष्टिकोण से यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं रहेगा और आप तथा आपके जीवनसाथी के मध्य तनाव बढ़ेगा, जिससे रिश्ते में कड़वाहट घुल सकती है। ऐसी स्थिति में स्वयं पर संयम रखना अति आवश्यक होगा, नहीं तो रिश्ता बिखर सकता है। आपके जीवनसाथी के व्यवहार में भी बदलाव आएगा और वे थोड़े अभिमानी होकर आपसे बात करेंगे, जो आपको पसंद नहीं आएगा और यह वजह बनेगी आपकी परेशानी की। इसके अतिरिक्त आपको अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा क्योंकि इस अवधि में वे बीमार पड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और आपकी पदोन्नति भी हो सकती है। व्यापार करते हैं तो अपने साझीदार से संबंधों पर ध्यान दें क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकते हैं।

कर्क :~ ड, ह :

 गुरुदेव आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे कर्क राशि के लोगों के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होगा। सूर्य देव आपकी राशि के द्वितीय भाव के स्वामी हैं। छठे भाव में सूर्य का गोचर अच्छा परिणाम देने वाला माना गया है, इसलिए इस गोचर के प्रभाव से आपकी नौकरी में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। आपकी मेहनत आपके पक्ष में परिणाम प्रदान करेगी और आपको आपकी मेहनत का फल मिलेगा। आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे और वे चाह कर भी आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएंगे। इस अवधि में आप किसी कोर्ट या कचहरी के मामले में सफलता अर्जित करेंगे और उससे भी आपको लाभ होगा।
सरकारी क्षेत्र या शासन प्रशासन से आपको उत्तम लाभ के योग बनेंगे। वरिष्ठ अधिकारी और समाज के गणमान्य लोग आपके साथ जुड़ेंगे और उनसे संपर्क का लाभ आपको अच्छे से प्राप्त होगा। इसके विपरीत, परिवार के किसी व्यक्ति से आप का विवाद बढ़ सकता है, जो आपको चिंता देगा और आपका स्वास्थ्य भी इस समय पीड़ित हो सकता है, इसलिए अपने खान पान पर विशेष रूप से ध्यान देना जरूरी होगा। शरीर का तापमान बढ़ा हुआ रहेगा और आप को बुखार हो सकता है। इसके अतिरिक्त व्यर्थ में किसी से उलझने का प्रयास ना करें।

सिंह :~ म, ट :

 स्पष्ट वक़्ता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सूर्य का गोचर आपके लिए विशेष मायने रखता है क्योंकि सूर्य देव आपकी राशि के स्वामी भी हैं। इसका तातपर्य यह है कि आप के प्रथम भाव के स्वामी सूर्य देव अपने इस गोचर की अवधि में आपकी राशि से पंचम भाव में प्रवेश करेंगे, जहां सूर्य का गोचर अधिक शुभ नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में आपको इस गोचर के मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे। सूर्य का गोचर आपकी इनकम में बढ़ोतरी का रास्ता दिखाएगा और समाज के रसूखदार लोगों से आप के संपर्क जुड़वाएगा। यही संपर्क भविष्य में आपके लिए लाभदायक साबित होंगे लेकिन इस गोचर के प्रभाव से आपकी संतान को कोई कष्ट हो सकता है, जिसकी वजह से आपकी चिंताएं बढ़ेंगी।
यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके लिए यह गोचर थोड़ी परेशानियां बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आप अपने प्रियतम से किसी भी बात पर झगड़ा ना करें और यदि वह अभिमान वश कुछ गलत कह भी दें तो उसे शांति पूर्वक सुनें तथा समय आने पर उन्हें प्यार से उनकी गलती का एहसास कराएं। इसी से आपका प्रेम जीवन ठीक-ठाक और सुचारू रूप से चल पाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में आपको व्यवधानों का सामना करना पड़ सकता है। आपकी इच्छा शक्ति की कमी या एकाग्रता भंग होना इसका प्रमुख कारण बन सकता है। यदि आपका जीवन साथी किसी प्रकार के कार्य में संलग्न है तो इस समय में उनको आर्थिक तौर पर अच्छा लाभ मिल सकता है, जो परिणामस्वरुप आपका भी लाभ बनेगा।

कन्या :~ प, ठ, ण

 सावत्थी तीर्थ सर्जक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म साकहते हे कन्या राशि सूर्य का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव में होगा। यह आपके बारहवें भाव का स्वामी ग्रह है। चतुर्थ भाव में होने वाला सूर्य का यह गोचर आपके लिए अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता और इसके कारण आपके पारिवारिक जीवन में तनाव देखने को मिलेगा। परिवार में किसी बुजुर्ग का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, जिसकी वजह से आपको अत्यधिक धन खर्च करना पड़ेगा और मानसिक तनाव भी होगा। आपकी माताजी का स्वास्थ्य भी पीड़ित हो सकता है और परिवार में आपका हस्तक्षेप हद से ज्यादा होने के कारण लोगों को आपसे असुविधा हो सकती है।
स्वयं को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करने की होड़ में औरों का अपमान ना करें। इस समय में आप अपने परिवार में कुछ नया करने का प्रयास करेंगे। जो लोग विदेश गए हुए हैं, उन्हें इस समय अपने घर वापस लौटने का मौका मिलेगा। सूर्य कि यह गोचर आपके कार्यक्षेत्र में भी आपको लाभ देगा और आपकी मेहनत आपके काम आएगी लेकिन परिवार में व्यस्तता के चलते आप काम पर कम ध्यान दे पाएंगे, जिसकी वजह से बीच बीच में कोई गलती होने की संभावना भी हो सकती है। विदेशी संपर्क के द्वारा किसी प्रकार का अच्छा लाभ आपको मिल सकता है और यह गोचर सरकारी क्षेत्र से भी आपको लाभ दिलवा सकता है लेकिन इसके विपरीत कुछ गलत कार्य में संलिप्तता आपको प्रशासन द्वारा दंड का भागी भी बना सकती है।

तुला :~ र, त :

विसा यंत्र साधक आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे तुला राशि सूर्य आपकी राशि से ग्यारहवें भाव का स्वामी है और अपने इस गोचर काल में वह आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेगा। तृतीय भाव में सूर्य का गोचर आपके लिए शुभ समाचार लेकर आएगा और आपको जीवन में सफलता प्रदान करेगा। आप जिस क्षेत्र में भी कार्यरत हैं, उसमें आपका मान सम्मान भी बढ़ेगा और आपके काम की प्रशंसा भी होगी। आपको सरकारी तंत्र का पूरा सहयोग मिलेगा और सरकारी क्षेत्र से लाभ होने के भी प्रबल योग बनेंगे। इस अवधि में की गई यात्राएं आपके बहुत काम आएँगी और आपको समाज में स्थापित करने में सहायक बनेंगी।
आप सामाजिक सरोकार के कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे, जिससे आपकी छवि मजबूत होगी। आपके साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी तथा व्यापार में भी अधिक प्रयास करेंगे और उसे आगे बढ़ाने में सफल होंगे। इस अवधि में आपको अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा और वे आपकी स्थिति को बेहतर बनाने में आपकी पूरी मदद भी करेंगे। आप अपनी आमदनी को अपने प्रयासों से कई गुना बढ़ाएंगे तथा आपके जीवनसाथी का भाग्य भी आपके हक में काम करेगा। इस अवधि में आप अपने छोटे भाई बहनों की यथासंभव सहायता करेंगे, जिससे उनके मन में भी आपके प्रति स्नेह और आदर का भाव रहेगा।

वृश्चिक :~ न, य :

तपागच्छाचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे  आपकी राशि के लिए सूर्य देव दशम स्थान के स्वामी हैं और दशम स्थान सबसे महत्वपूर्ण भाव होता है क्योंकि यह हमारे कर्म का भाव होता है, इसलिए सूर्य का गोचर आपके लिये अति महत्वपूर्ण रहेगा। अपने इस गोचर काल में सूर्य आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। आमतौर पर दूसरे भाव में सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना जाता लेकिन आपके लिए यह धन वृद्धि का समय हो सकता है। आपने जो मेहनत अभी तक की थी, उसका उचित फल आपको मिलेगा और आप धन संचित करने में सफल होंगे। परिवार में आपका कद बढ़ेगा।
यहां तक कि परिवार के लोग आपको हर बात में अहमियत देंगे और आपकी सलाह से काम होंगे लेकिन इसके बावजूद भी परिवार में अशांति रह सकती है और इससे आपको तनाव महसूस होगा। आप में वाणी दोष उप्पन्न हो सकता है और आप अभिमान वश कुछ अपशब्द अपने परिजनों से कह सकते हैं, जो उनके हृदय को द्रवित कर देंगे। आप अपने पारिवारिक जीवन से असंतुष्ट रहेंगे। हालांकि कार्य क्षेत्र में यह गोचर आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और आपकी स्थिति मजबूत होगी। आपको आप के वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा और वे हर काम में आपको सहयोग करेंगे, जिससे आप अपने कार्य क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे।

धनु :~ भ, ध,फ :

प्रवचनकार आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे आपकी राशि के लिए सूर्य का गोचर अति महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि सूर्य आपकी ही राशि अर्थात आप के प्रथम भाव में गोचर करेगा। यह आपकी राशि के लिए नवम भाव का स्वामी है और इस प्रकार आप के प्रथम भाव में आकर राज योग का निर्माण करेगा। यदि आपकी कुंडली में दशा अनुकूल है तो सूर्य ग्रह का यह गोचर आपको जीवन में अत्यधिक उन्नति दे सकता है और समाज में प्रतिष्ठित भी बनाएगा। आपकी लोकप्रियता में इजाफा होगा तथा आपको सरकारी क्षेत्र से तथा समाज के अन्य क्षेत्रों से भी अच्छा लाभ और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
इसके विपरीत, आपके स्वभाव में अहम की प्रवृत्ति बढ़ सकती है और आप थोड़े गर्म मिजाज भी बन सकते हैं। इसकी वजह से दांपत्य जीवन में सूर्य का गोचर तनाव बढ़ाने का काम करेगा। आपके व्यवहार में बदलाव आएगा और आप थोड़े अभिमानी हो सकते हैं, जिसका सीधा सीधा असर आपके दांपत्य जीवन पर आएगा और जीवन साथी को आप के इस व्यवहार से परेशानी होगी। नतीजतन आपको दांपत्य जीवन में कड़वाहट का अनुभव होगा। व्यापार के मामले में सूर्य ग्रह गोचर अनुकूल परिणाम देने वाला साबित होगा।

मकर :~ ख, ज :

तंत्राचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सूर्य देव आपकी राशि के लिए अष्टम भाव के स्वामी हैं और अपने गोचर की इस अवधि में हुए आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। द्वादश भाव में सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल फल देने वाला नहीं माना गया है। ऐसी स्थिति में आपको इस गोचर के मिश्रित परिणाम प्राप्त होंगे। सूर्य का यह गोचर आपके स्वास्थ्य के लिए कमजोर साबित होगा और आपके स्वास्थ्य में कमियां रहेंगी तथा स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आपको कष्ट देंगी। इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपकी आमदनी में भी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा और वह कमजोर हो सकती है.
एक अच्छी बात यह है कि यह आपको विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने का हौसला देगा और आप किसी भी चुनौती से घबराएंगे नहीं बल्कि डटकर उसका सामना करेंगे, जिससे धीरे-धीरे आपके काम बनने शुरू हो जाएंगे।इस अवधि में आपको अनचाही यात्रा करने का अवसर मिलेगा। कुछ लोगों को इस समय में विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है और वहां जाकर उनका मान सम्मान बढ़ेगा। कोर्ट व कचहरी से संबंधित मामलों में सूर्य का गोचर आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होगा और आपको विजय मिलेगी लेकिन आपके खर्चों में अत्यधिक वृद्धि हो जाएगी, जो आपको परेशानी दे सकती है। ऐसे में आपको ध्यान रखना होगा कि किस प्रकार अपने वित्त का नियंत्रण करें।

कुंभ :~ ग, स, श, ष :

प्रतिष्ठाचार्य आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सूर्य का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। इस भाव में सूर्य का गोचर अक्सर अनुकूल फल देने वाला माना गया है। सूर्य देव आपकी कुंडली के सप्तम भाव के स्वामी हैं, इसलिए यह गोचर आपको अच्छे परिणाम देने में सक्षम होगा। आप यदि व्यापार करते हैं तो आपके व्यापार में वृद्धि होगी और आपकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति वाली कहावत चरितार्थ होगी और आपकी सामाजिक और आर्थिक दोनों ही रूपों में समृद्धि होगी। समाज के वरिष्ठ और गणमान्य लोगों से आपके संपर्क स्थापित होंगे, जो भविष्य में आपके लिए कारगर साबित होंगे।
इस गोचर के प्रभाव से आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं अवश्य आ सकती हैं क्योंकि आप और आपके प्रियतम के मध्य व्यक्तिगत सोच का अंतर हो सकता है। आपकी महत्वाकांक्षाऐं काफी बढ़ जाएंगी, जिससे आपका प्रियतम खुद को आपसे अलग समझने लगेगा और इससे आपके रिश्ते में दूरियाँ बढ़ सकती हैं। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान के लिए यह गोचर अनुकूल रहेगा और उन्हें इस गोचर के परिणाम स्वरूप अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। यदि आप एक विद्यार्थी हैं तो सूर्य का यह गोचर आपको और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा और तभी आपको उचित प्रतिफल प्रदान करेगा। सरकारी क्षेत्र से आपको अच्छा लाभ होगा। यदि आप कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी हैं तो फिर कहने ही क्या। यह समय आपके लिए ही तो बना है।

मीन :~ द, च :

उपसर्ग विजेता आचार्य. श्री. जिनचन्द्रसूरीश्र्वरजी म सा कहते हे सूर्य देव आपकी राशि के लिए छठे भाव के स्वामी हैं और धनु राशि में गोचर के दौरान वे आपकी राशि से दशम भाव में प्रवेश करेंगे। दशम भाव में सूर्य को दिगबल प्राप्त होता है और यह आपके कर्म अर्थात व्यवसाय का भाव भी है, इसलिए आपके लिए सूर्य का यह गोचर अति महत्वपूर्ण होगा और आपको इसके अनेक अच्छे परिणाम भी प्राप्त होंगे। सूर्य देव की कृपा से आपके प्रोफेशन में आपको उन्नति मिलेगी। आपकी पदोन्नति होगी और आपका कार्यभार भी बढ़ेगा, जिससे आपके अधिकारों की वृद्धि होगी और आप पावरफुल बनेंगे।
 सुर्य का गोचर आपके निजी जीवन को भी अच्छे परिणामों से भर देगा और परिवार के लोगों का सहयोग भी आपको प्राप्त होगा। समाज में आपकी स्थिति मजबूत होगी और लोग आपकी प्रशंसा करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों से आपके अच्छे संबंध बनेंगे, जो आपको मदद करेंगे। आपकी मेहनत आप को सफल बनाने में पूर्ण योगदान निभाएगी और प्रतियोगी परीक्षा के लिए भी समय काफी अच्छा रहेगा। आपको सफलता मिलने के प्रबल योग बनेंगे। आपके पिताजी का स्वास्थ्य कुछ कमजोर होने की संभावना रहेगी, इसलिए उनका विशेष रुप से ध्यान रखें। इस समय अवधि में कोई वृद्ध व्यक्ति आपकी काफी मदद कर सकता है। आप अपने कार्य क्षेत्र में कोई नई पॉलिसी बना सकते हैं, जो लोगों को काफी पसंद आएगी और उससे आपको प्रशंसा भी मिलेगी।
 सुर्य का गोचर by jain muni
 सूर्य का गोचर by
जिन शीशू अजित
_देवी स्वप्न द्वारा निर्मित_ ८४ जिनालय समलंकृत
 सावत्थीतीर्थ धाम
_बावला, अहमदाबाद_
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