Tuesday, April 21, 2026
साहित्य - साधना

Hasya vyang poem हास्य का फटाखा

हास्य का फटाखा Hasya vyang poem

एक दिन की बात
मैं जा रही थी पार्क
सामने से एक पहलवान
आदमी आ रहा था
अपने तीन पहलवान
कुत्तों को ला रहा था
मैंने पूछा, भाई साहब-ये कुत्ते आपके हैं।
उसने कहा बदतमीज
इन्हें कुत्ते मत कहो
नाम से बुलाओ प्लीज
मैंने कहा- सॉरी माफ कर दीजिए
इनके क्या-क्या नाम हैं
कृपा करके बता दीजिए
उसने अपना रोब दिखाया
कुत्तों से परिचय करवाया
काला है जोरावर सिहं
सफेद है अमर सिंह और
भूरा है वह फतह सिंह
मैं तो उनके नाम सुनके ही डर गई थी
एक गहरे चिंतन में पड़ गई थी
सोचा जब कुत्तों के ये नाम है
तो पहलवान का क्या नाम होगा?
साहस बटोरकर मैंने पूछा भाई साहब
आपका क्या नाम हैं?
वह थोड़ा मुस्कुरा के मूछों का ताव खाके
बोला यू……….
देख के मुझको सब थर्राते हैं
प्यार से सभी टॉमी बुलाते हैं।

Hasya vyang poem by Amita Sancheti

Hasya vyang poem  अमिता संचेती

        Jodhpur, Rajasthan

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तथास्तु टी वी की टीम की ओर से

अमिता संचेती केवल hasya vyang poem ही नहीं लिखती बल्कि अच्छी वक्ता भी है। हमारे चैनल पर इनके प्रभावी वक्तव्य प्रसारित होते रहते हैं। अभी भगवान महावीर के प्रमुख श्रावकों जीवन चरित्र को बड़ी ही सरसता और रोचकता के साथ प्रस्तुत कर रही है। मिस संचेती धार्मिक है। यह जैन धर्म को जीवन का अंग बना कर चलती है । जिसका प्रभाव इनकी लेखनी और वक्तव्यों में स्पष्ट देखा जा सकता है। यह अपने गुरु के प्रति पूर्ण समर्पित है और उनके गुणगान में रचनाएं करती रहती है। Hasya vyang poem आप लोगों को हंसाने में कामयाब होगी, यह हमारा विश्वास है। Tathastu TV की इस वेबसाईट पर उनकी यह कविता प्रस्तुत कर प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। Thank you

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