Environment protection पर्यावरण सरंक्षण में दिन रात लगा है यह व्यक्तित्व

Environment Pollution पर्यावरण प्रदूषण से पूरा विश्व परेशान है। इसके समाधान के लिए विभिन्न देशों के बीच समझोते ही रहे हैं। इस संदर्भ में अनेकों संस्थाओं और व्यक्तिगत स्तर पर भी सरहानिय कार्य किए जा रहे हैं। उनमें एक व्यक्तित्व की मैं यहां चर्चा करूंगा । यह व्यक्तित्व पर्यावरण सरंक्षण ( Environmental protection ) में दिन रात लगा रहता है । ना इनको कोई पर्व रोक पाता है और नहीं covid 19 जैसी महामारी भी । यह व्यक्तित्व है राषट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता जी । वे 2017 से इस कार्य में लगे हैं । इस आलेख में उनके विचार और उनके कार्यों कि फोटोज़ संकलित की गई है । इस सामग्री से उस व्यक्तित्व के साहस को सलाम करने के लिए स्वयं को प्रेरित कर सकेंगे और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने में स्वयं भी जुड़ सकेंगे ।

पर्यावरण सुरक्षित, जीवन सुरक्षित : Environment protection

यदि हम जीवन को सुरक्षित रखने के लिए आशान्वित बने रहना चाहते हैं, तो हमें पर्यावरण को सुरक्षित, संतुलित एवं संरक्षित बनाए रखना पड़ेगा। आज हम जरूरत से ज्यादा प्लास्टिक पर निर्भर होते जा रहे हैं। जिसका परिणाम यह है कि हमारी धरती बंजर होती जा रही है। आज मनुष्य लालच की पराकाष्ठा को पार कर चुका है उसी के परिणाम स्वरूप तमाम प्राकृतिक आपदाओं से हम घीर चुके हैं। इससे निकलने का एकमात्र उपाय पर्यावरण संरक्षण है। मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए ताकि उसकी आने वाली नस्लें स्वस्थ एवं सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें।
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अगर हम जाने अनजाने वायु  प्रदूषण करते रहे, कूड़े, प्लास्टिक, टायर, रबड़ पोलीथिन को जलाते रहे चाहे मलवा खत्म करने के लिए चाहे ठंड से बचने के लिए आग की तपन करने के लिए या फैक्ट्री से विषैले गैस का प्रोसेसिंग कर प्रदूषण कम न करके धन को बचाने के लिए विषैला गैस निकलने का  मौका देकर । तो सावधान एअर पलूशन बढ़ेगा और हम पीडित होंगे आज नहीं तो कल  और  अपने साथ वायु (ओक्सीजन) लेकर चलना होगा । तो आइए हम देश के अच्छे नागरिक होने व मानवता को ध्यान में रखते हुए कोई ऐसा काम न करें जिससे कि प्रदूषण हो । साथ में हर अवसर पर पौधों को लगाने का बीड़ा उठावें ।
     पीपल वृक्ष  सर्वाधिक प्राण वायु आक्सीजन देता है ।अत: पीपल वृक्ष को बढावें और वायु से जर्म्स को मारने व विभिन्न रोगों के उपचार के लिए नीम तथा एम्युनिटी पावर बढाने के लिए तुलसी के पौधे को लगाकर मानव बचाव क्रांति चला दें ।

कुदरत के वरदान पेड़ -पौधे

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   कुदरत के दिए गए वरदान में पेड़ -पौधों का महत्वपूर्ण स्थान है। पेड़ पौधे मानवी जीवन चक्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल भोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है, बल्कि जीव- जगत से नाजुक संतुलन बनाने में भी आगे रहते हैं। पुराणों ,उपनिषदों, रामायण एवं महाभारत जैसे प्रमाणिक ग्रंथों में भी इसके उपयोग के अनेक साक्ष्य मिलते हैं। आज की तारीख में भी चिकित्सकों द्वारा मानव रोगोपचार हेतु अमल में लाया जाता है।
पर्यावरण को संरक्षित ,सुरक्षित एवं संतुलित बनाए रखने के लिए दिनांक 10 अक्टूबर 2017 से प्रतिदिन पौधरोपण/ वृक्षारोपण कर पर्यावरण को मानव के अनुकूल बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता के साथ दृढ़ संकल्पित राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि संभव हो तो हमारे महत्वपूर्ण पर्व के दिन कोई न कोई पौधे का पौधरोपण कर उस पर्व को एक यादगार पल के रूप में बनाएं। क्यों कि सेवा भाव हमारी संस्कृत का अहम हिस्सा है। यह बात अलग है कि अब यह कम होता जा रहा है। दरअसल सेवा भाव कई कारणों से जन्म लेता है जैसे कुछ लोगों में विरासत  से दान देने या मदद करने का जज्बा होता है। आइए हम सब मिलकर इस जज्बे का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के रूप में करें।

Environment protection by Jitendra Kothari

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